आपका परिचय

कपिलेश भोज लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
कपिलेश भोज लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

बुधवार, 14 फ़रवरी 2018

अविराम विस्तारित

अविराम  ब्लॉग संकलन,  वर्ष  :  7,   अंक  :  05-06,  फरवरी-मार्च 2018 



।।कविता अनवरत।।


कपिलेश भोज




दो कविताएँ

विदीर्ण करो यह कुहासा

शिक्षा पर
जितने बढ़ रहे हैं प्रवचन और प्रशिक्षण
उतने ही
शिक्षकों और जरूरी साजोसामान से
खाली होते जा रहे हैं स्कूल और कॉलेज...
स्वास्थ्य पर/जितनी ही बढ़ रही हैं 
संगोष्ठियाँ और कार्यशालाएँ
डॉक्टरों और दवाओं से
उतने ही 
वंचित होते जा रहे हैं अस्पताल...
जनतंत्र और अभिव्यक्ति की आजादी पर
जितनी बढ़ रही हैं घोषणाएँ
लिखने-पढ़ने और सोचने-विचारने के 
नैसर्गिक अधिकार पर
उतने ही 
सख्त होते जा रहे हैं पहरे..
हे बन्धु!
कथनी और करनी के 
इस मायाजाल के उद्गम का
करो सन्धान
और 
विदीर्ण करो यह कुहासा
ताकि
देख सको इसके पार...

उम्मीदों के हरकारे

बदहाली 
और नाउम्मीदी की 
स्याह कठोर चट्टानों से घिरे
दुर्गम पथ से गुजरते
देखो
उम्मीदों के इन हरकारों को...
छिल गए हों
भले ही पैर
रेखाचित्र :
कमलेश चौरसिया
 
हिंस्र पशुओं के हमलों से
हो गए हों क्षत-विक्षत
मगर
नष्ट नहीं कर सका कभी
कोई भी झंझावात इन्हें 
पहचानो
ये ही तो हैं
हाँ, ठीक-ठीक पहचानो इन्हेंहर अँधेरे को 
चीर देने के लिए सन्नद्ध
तुम्हारे धनुर्धर 
जिनके शरों को चाहिए
केवल तुम्हारा संबल...
  • सोमेश्वर, जिला अल्मोड़ा-263637 (उत्तराखण्ड)/मोबा. 08958983636

शुक्रवार, 26 मई 2017

अविराम विस्तारित

अविराम  ब्लॉग संकलन,  वर्ष  :  6,   अंक  :  05-06,  जनवरी-फ़रवरी  2017



डॉ. कपिलेश भोज



तुम्हारा मिलना

तुम्हारा मुस्कुरा कर मिलना
जैसे
सहसा उमंगों का समंदर
लहरा कर
आ गया हो पास


और
तुम्हारा चंद कदम साथ चलना
जैसे
भीतर उमड़ पड़ा हो
ऊर्जा का ज्वार


फिर तुम्हारा बोलना
जैसे
रातरानी की गंध से
गमक उठा हो
ताज़ा हवा का
रेखाचित्र  : रमेश गौतम 

एक स्नेहिल झोंका...

तलाशकभी कौसानी
कभी सोमेश्वर
कभी अल्मोड़ा
कभी नैनीताल की
जानी-पहचानी सड़कों
और कभी
किसी निचाट दुपहरी में
अपने गाँव लखनाड़ी के
दरख़्तों के बीच गुजरती
ख़ामोश पगडंडी पर
चहलक़दमी करते हुए
किसे ढूँढ़ रहा हूँ मैं
और
बार-बार क्यों लौट आता हूँ
रीता का रीता


प्रकृति की मोहकता भी
क्यों नहीं दे पा रही
मुझे सुकून


आख़िर कब मिलेंगे मुझे
अपनत्व भरे हृदय
और/कब दिखेंगे
स्नेह से छलछलाते नयन...
और कब तक रहेगी जारी
यह तलाश...
  • सोमेश्वर, जिला अल्मोड़ा-263637 (उत्तराखण्ड)/मोबा. 08958983636