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मंगलवार, 22 नवंबर 2011

अविराम विस्तारित

।।व्यंग्य वाण।।
सामग्री :  राजेन्द्र देवधरे ‘दर्पण’ का व्यंग्यालेख-  "पेट्रोल आसमान पर!"


।।व्यंग्य वाण।।

राजेन्द्र देवधरे ‘दर्पण’



पेट्रोल आसमान पर!

   यदि इसी तरह पेट्रोल महंगा होता गया तो एक दिन यह आम आदमी के हाथ से फुर्रर्..र.. हो जायेगा। महंगाई की नित नई ऊँचाइयों पर पहुँचते पेट्रोल के कारण कल किस प्रकार की स्थितियां देखने-सुनने को मिलेगी, आइये देखते हैं एक बानगी-
   गरीब अपने बच्चों को पेट्रोल की कहानियां सुनाकर मन समझा लिया करेंगे। उच्च और मध्यमवर्गीय लोग तेल चित्र की तरह पेट्रोल चित्रों से अपने घर की बैठक को सजाकर रखेंगे, जिससे मित्रों, रिश्तेदारों पर प्रभाव जमाया जा सके। तब अमीर लोग पेट्रोल का कीमती परफ्यूम अपने कपड़ों पर स्प्रे करेंगे और शादी, पार्टी या विशेष अवसरों पर महफिल को महकाया करेंगे। अमीरों की औरतें अपने सुगन्धित पेट्रोल स्प्रे का एक दूसरे पर इम्प्रेशन डालेंगी और कहेंगी, ‘पता है मेरे मिस्टर ने यह कीमती पेट्रोल स्प्रे अमेरिका से मंगवाया है, इम्पोर्टेड है।’ तब दूसरी उसे नीचा दिखाते हुए तपाक से कहेगी, ‘मेरे इन्होंने तो यह स्पेशल ब्राण्ड कीमती पेट्रोल स्प्रे सीधे इराक से मंगवाया है, इसलिए इसमें मिलावट की बिल्कुल गुंजागश नहीं है। महंगा जरूर है, लेकिन एकदम शुद्व है।’
    मिलावट करने वाले तब भी कहां मानने वाले होंगे। वे पेट्रोल परफ्यूम में दूसरे सस्ते तेल मिलाकर बेचा करेंगे, जिससे मध्यमवर्गीय लागों का बजट भी उन्हें कभी-कभी खरीदने की अनुमति दे देगा। प्रीति जिन्टा, बिपाशा, मलायका जैसी सुन्दरियां मॉडलिंग में नाम कमाते हुए अपनी खूबसूरती का राज पेट्रोल युक्त क्रीम को बताकर रुपया कूटेंगी। अलग-अलग नाम की कम्पनियों का पेट्रोल बाजार में बिका करेगा, जिसके ब्राण्ड एम्बेसेडर सचिन, सानिया, शाहरुख जैसी प्रतिभाएं होंगी।
   तब पेट्रोल अधिक खाने वाले स्कूटर की प्रजाति लुप्त हो जायेगी। बाईक के भाव मुँह के बल जमीन पर गिरेंगे और कार बेकार की चीज हो जाएगी। बाईक और कार की कम्पनी वाले मुहल्ले-मुहल्ले और कॉलोनी-कॉलोनी में आवाज लगाते फिरेंगे कि ‘बाइक उधार ले लो बाईक’, ‘कार किश्तों में फायनेन्स करवा लो’। इतना होने के बाद भी लोग महंगे पेट्रोल के भय से यह कहते पाये जायेंगे- ‘भैया, हाथी को पाल तो लें मगर उसका पेट भरने के लिए घास कहां से लाएंगे।
   बाइक चोर बाइक न चुराते हुए सीधे पेट्रोल पर हाथ साफ करेंगे। दहेज के लोभी तब बाइक या कार की मांग न करते हुए लड़की के पिता से पेट्रोल की मांग करते पकड़े जायेंगे। जबकि करोड़पति बाप अपनी बेटी की शादी में दूल्हेराजा को पेट्रोल के डिब्बे देकर समाज में अपनी शान दिखायेगा। पेट्रोल से होने के कारण ड्रायक्लीन बहुत महंगी हो जायेगी। जो लोग ड्रायक्लीन करवायेंगे, उनकी अमीरी के चर्चे सारे जमाने में हुआ करेंगे। जिन लोगों के यहाँ ज्यादा पेट्रोल की खपत होगी, वहां पुलिस के छापा पड़ने का अंदेशा रहेगा। त्यागे गए छकड़े, तांगे और बैलगाड़ी को लोग वापस मनाकर ले आएंगे। व्यस्त मार्गो पर सायकल वाले और पैदल यात्री ही दिखाई देंगे, जिससे यातायात पुलिस के कंधों को आराम मिलेगा और बहुत हद तक धुआं प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी।
  • 129, ‘प्रयास’, अभिषेक नगर, इन्दौर मार्ग, उज्जैन-456010 (म.प्र.)

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