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गुरुवार, 28 फ़रवरी 2013

अविराम विस्तारित

अविराम का ब्लॉग : वर्ष : 2, अंक : 6,  फरवरी   2013

।।जनक छन्द।।

सामग्री : हरिश्चन्द्र शाक्य के पाँच जनक छंद।



हरिश्चन्द्र शाक्य 



जनक छन्द


1.
कैसा अद्भुत ज्ञान है
ईश्वर को ब्रह्माण्ड में
खोज रहा विज्ञान है
2.
अधर-अधर पर गीत है
छाया चित्र : डॉ बलराम अग्रवाल 
हवा प्रगति की चल गयी
खुशियों का संगीत है
3.
बाज, बाज ना आ रहा
बेकसूर जो कीर हैं
मार-मार कर खा रहा
4.
कैसी दुनिया आज की
चहुँ दिशि तूती बोलती 
भ्रष्टाचारी राज की
5.
मेंटो तुम छल-छन्द को
प्रेम-सुधारस बाँट दो
पाओ परमानन्द को

  • शाक्य प्रकाशन, घण्टाघर चौक,  क्लब घर,  मैनपुरी-205001 (उ0प्र0)

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