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शुक्रवार, 9 जनवरी 2015

अविराम विस्तारित

अविराम  ब्लॉग संकलन :  वर्ष  : 4,   अंक  : 03-04,   नवम्बर-दिसम्बर  2014


।।हाइकु।।

सामग्री :  इस अंक में सुश्री विभा रश्मि, श्री तेजराम शर्मा एवं डॉ. अशोक गुलशन के हाइकु।



विभा रश्मि




पांच हाइकु
01.
आशाएँ लाएँ
करें खग किलोल
दिल खोल के।
02.
नई सोच को
डैनों से हवा देते
नभ में खग।
03.
चंचला मन
खग वृन्द बन के
उड़ा सुदूर।
छाया चित्र : डॉ. बलराम अग्रवाल 

04.
मंत्र मुग्ध हो
ता थैय्या, ताधिन ता
नाच मयूर।
05.
कैद में तोता
चुपचाप रोता है
काटता सजा।

  • 201, पराग अपार्टमेन्ट, प्रियदर्शिनी नगर, बैदला, उदयपुर-313011,राज. / मोबाइल : 09414296536




तेजराम शर्मा



पांच हाइकु

01.
धरा फटी तो
आकाश रहा सोया
बादल रोया
02.
पगध्वनि है
सूने घर की ओर
यात्रा अछोर
03.
भारत भाल
क्यों रहता है लाल
रेखा चित्र :डॉ. सुरेन्द्र वर्मा 

ओ! पाँच साल
04.
प्रकाश स्तम्भ
अन्दर है चट्टान
ओ! प्रेम यान
05.
कोठार ताला
हाथ में हल-मूठ
क्यों रहे ठूँठ?

  • श्रीराम कृष्ण भवन, अनाडेल, शिमला-171003, हि. प्र.



डॉ. अशोक गुलशन




दो हाइकु

01.
वही जीवन
सुख-दुख का योग
कैसा संयोग
02.
मौत सस्ती है
यह कहकर वो
वहीं खो गया 

  • चिकित्साधिकारी, कानूनगोपुरा (उत्तरी), बहराइच (उ.प्र.) / मोबाइल : 09450427017

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