आपका परिचय

मंगलवार, 20 नवंबर 2012

312. सजीवन मयंक


सजीवन मयंक






जन्म :  21.10.1943, होशंगाबाद में। पूरा नाम सजीवन दरस गुबरेले ‘मयंक’।

शिक्षा :  एम.एस-सी. (रसायन शास्त्र), हिन्दी विशारद।

लेखन/प्रकाशन/योगदान :  गीत, नवगीत, ग़ज़ल, व्यंग्य, मुक्तक एवं क्षणिका विधाओं में सृजन। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित। आकाशवाणी से प्रसारण। माटी चन्दन है, उजाले की कसम, दिन अभी ढला नहीं, गाते चलें पढ़ाते चलें, फागुन आने वाला, किसकी तलाश है व जिन्दगी के स्वर प्रकाशित काव्य कृतियाँ। पिता स्व. पं. रामदास गुबरेले वरिष्ठ पत्रकार एवं स्वाधीनता संग्राम में कांग्रेस सेवादल के सक्रिय सदस्य रहे।

सम्मान :  रंग भारती, हिन्द युग्म आदि द्वारा कुछ रचनाएँ पुरस्कृत।

सम्प्रति :  प्राचार्य पद से सेवानिवृति के बाद समर्पित लेखन।

सम्पर्क :  251, शनिचरा वार्ड-1, नरसिंह गली, होशंगाबाद-461001 (म.प्र.)
               दूरभाष :  07574-252850 / मोबाइल :  09425043627
              ई मेल  :  sajeevanmayank@rediffmail.com  एवं  sajeevan_gubrelay@yahoo.co.in



अविराम में प्रकाशन

ब्लॉग प्रारूप :  अक्टूबर 2012 अंक में एक काव्य रचना- ‘अपने पांव पर खड़ा होगा’।






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