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शुक्रवार, 29 अगस्त 2014

अविराम विस्तारित

अविराम  ब्लॉग संकलन :  वर्ष  : 3,   अंक  : 11-12, जुलाई-अगस्त 2014

।।हाइकु।।

सामग्री : श्री राजेद्र परदेसी, श्री राजेन्द्र बहादुर सिंह ‘राजन’ व डॉ. रंजीत रविशैलम के हाइकु। 


राजेन्द्र परदेसी




पाँच हाइकु

01.
पंख नोचती
बदन टटोलती
आदम भूख
02.
थरथराते
बाजों के चंगुल में
विवश पक्षी
03.
रेखा चित्र : राजेन्द्र परदेसी 
असत्य जीता
विश्वास को तोड़ता
ताल ठोंकता
04.
बेवश सभी
डगमगाती नाव
संभाले कौन
05.
मंजिल नहीं 
उपजती हो जहाँ
ईर्ष्या की पौध

  • 44, शिव विहार, फरीदी नगर, लखनऊ-226015 (उ.प्र.)



राजेन्द्र बहादुर सिंह ‘राजन’




पांच हाइकु

01.
क्या बतलाएं
संसद में खो गयीं
संवेदनाएं।
02.
जब भी होती
मूसलाधार वर्षा
झोंपड़ी रोती।
03.
घटा सुहानी
 : उमेश महादोषी 

घुंघुरू बांध नाची
बरखा रानी।
04.
महात्मा वट
शीतल छाया देते
बिखेरे लट।
05.
मन कांपता
रावण अनगिन
राम लापता।

  • ग्राम-फत्तेपुर, पोस्ट-बेनीकामा, जिला-रायबरेली-229402 (उ.प्र.) / मोबाइल : 08601551022



डॉ. रंजीत रविशैलम

चार हाइकु

01.
नोट खाकर
बाघ की हुई मृत्यु
भूखा मानव
02.
असीम भार
रेखा चित्र : डॉ. सुरेन्द्र वर्मा 

अगाध ममता से
जन्मा वर्तमान
03.
ढूँढ़ा सुराग
पुलिस कर्मियों ने
मधुशाला में
04.
तलाश करो 
वह वीर सेनानी
गढ़ मूर्ति में

  • रविशैलम, कट्टाचाकूझी (Kattachalkuzhi), पोस्ट-अट्टारमूला (Attaramoola), बलरामपुरम (Balarampuram), तिरुवनन्तपुरम (Thiruvananthpuram)-695501 / मोबाइल :  08281494226 

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