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मंगलवार, 3 अक्तूबर 2017

गतिविधियाँ

अविराम  ब्लॉग संकलन,  वर्ष  :  6,   अंक  :  07-10,  मार्च-जून 2017



{आवश्यक नोट-  कृपया संमाचार/गतिविधियों की रिपोर्ट कृति देव 010 या यूनीकोड फोन्ट में टाइप करके वर्ड या पेजमेकर फाइल में या फिर मेल बाक्स में पेस्ट करके ही ई मेल aviramsahityaki@gmail.com पर ही भेजें; स्केन करके नहीं। केवल फोटो ही स्केन करके भेजें। स्केन रूप में टेक्स्ट सामग्री/समाचार/ रिपोर्ट को स्वीकार करना संभव नहीं है। ऐसी सामग्री को हमारे स्तर पर टाइप करने की व्यवस्था संभव नहीं है। फोटो भेजने से पूर्व उन्हें इस तरह संपादित कर लें कि उनका लोड लगभग 02 एम.बी. से अधिक न रहे।}  


वृहद ‘हिन्दी लघुकथाकार कोश’ के प्रकाशन की तैयारी

वरिष्ठ लघुकथाकार डॉ. बलराम अग्रवाल (मो. 08826499115/ई-मेल  2611ableram@gmail.com) एवं श्री मधुदीप (मो. 09312400709/ई-मेल madhudeep01@gmail.com) के संपादन में ‘हिन्दी लघुकथाकार कोश’ को मूर्तरूप देने की तैयारी अपने अंतिम चरण में है। जिन लघुकथाकारों ने अभी तक अपना विवरण संपादकों को नहीं भेजा है, वे फोन पर संपर्क कर भेज सकते हैं। इस कोश में शामिल होने के लिए एक निर्धारित प्रारूप पर लघुकथाकारों को अपने बारे में जानकारी उपलब्ध करवानी है। प्रारूप के पहले भाग में स्वयं से संबन्धित व्यक्तिगत जानकारी देनी है, जिसमें अपना नाम, जन्मतिथि, जन्मस्थान, शिक्षा, विभिन्न संस्थाओं द्वारा प्रदत्त पुरस्कार एवं सम्मान, प्रकाशित (मौलिक, संपादित, अनूदित) लघुकथा पुस्तकों की सूची, अन्य प्रकाशित मौलिक, संपादित व अनूदित पुस्तकों की अलग-अलग सूची, सम्प्रति, सम्पर्क सूत्र- डाक का पता, मोबाइल नं., ई मेल आई डी की सूचना शामिल होगी। दूसरे भाग में लघुकथाकार को अपनी प्रकाशित (मौलिक, संपादित, अनूदित) लघुकथा पुस्तकों के बारे में परिचयात्मक जानकारी देनी है। इसमें पुस्तक का नाम, प्रकाशन वर्ष (प्रथम संस्करण), पृष्ठ संख्या, मूल्य, संग्रहीत लघुकथाओं की संख्या, भूमिका लेखक का नाम, प्रकाशक का नाम तथा पता, आई.एस.बी.एन. (यदि है तो) शामिल होगी। मधुदीप जी ने यह भी बताया कि यदि किसी साथी के पास किसी दिवंगत लघुकथाकार के बारें में भी जानकारी है, तो वह उसे भी संपादकों को उक्त प्रारूप में उपलब्ध करवा सकते हैं। (समाचार प्रस्तुति : अविराम समाचार डेस्क) 





अहमदाबाद इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल सम्पन्न
अहमदाबाद इंटरनेशनल लिट्रेचर फेस्टिवल धूमधाम से सम्पन्न हुआ। पहले दिन नौ सत्र परिसंवाद के लिए रखे गए, जिनमें प्रमुख थे- कैप्टीवेटिंग स्टोरीलाइंस, मीडिया-ड्रिवन स्टोरीज, लुकिंग फॉर लिट्रेचर, पोएट्री फॉर एवरीवन, रिविजिटिंग मिथॉलजि एंड इट्स रेलवन्स टुडे। शेष सत्रों में पुस्तकों के लाकार्पण एवं गुजराती साहित्य पर चर्चा शामिल थी। सभागार में उपस्थित साहित्यकारों/विद्वतजनों द्वारा बेबाकी से जीवन में मूल्यों की महत्ता को साहित्य के माध्यम से पुनर्रेखांकित किया गया। दूसरे दिन भी समारोह में साहित्य, सिनेमा, संस्कृति पर गंभीर चर्चा हुई। इस दिन का प्रथम सत्र ‘लिट्रेचर एंड सिनेमा’ पर केंद्रित रहा। विमर्श के दौरान सुमाना मुखर्जी, अभिषेक जैन और संदीप नाथ ने अपनी-अपनी योजनाओं के सदर्भ में फिल्म निर्माण प्रक्रिया से सम्बंधित अपने विचार रखे। द्वितीय सत्र में बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी गीतकार एवं अभिनेता पियूष मिश्रा से वरिष्ठ पत्रकार अनुरिता राठौर एवं आइकॉन सॉल्यूशन के अनुभवी निदेशक उमाशंकर यादव ने ‘द पॉवर ऑफ़ वर्ड्स’ विषय पर बातचीत की। अन्य सत्रों के वक्ताओं ने भी गहरी समझ एवं सूझ-बूझ का दिग्दर्शन कराया और श्रोताओं की शंकाओं का समाधान किया। इस चर्चा-परिचर्चा के साथ मुख्य सभागार से सटे हुए कक्षों में कुछ कार्यशालाओं/पाठशालाओं का आयोजन भी किया गया था। साहित्योत्सव के समापन अवसर पर फेस्टिवल निदेशक उमाशंकर यादव ने सम्मानित सहभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एआईएलफ 2016 एक ऐसा मंच है जहाँ साहित्य, सिनेमा और मीडिया की परिधि में व्यक्ति को व्यक्ति से, समूह को समूह से वैचारिक आदान-प्रदान करने का सुअवसर प्राप्त हुआ। (समाचार सौजन्य : अवनीश सिंह चौहान)




‘एक बहर पर एक ग़ज़ल’ का लोकार्पण-विमर्श 
11.12.2016 को स्वराज भवन, भोपाल में श्री चंद्रसेन विराट की अध्यक्षता एवं भवेश दिलशाद के संयोजन में वरिष्ठ कवि डॉ. ब्रह्मजीत गौतम के सद्यः प्रकाशित ग़ज़ल-संग्रह ‘एक बहर पर एक ग़ज़ल’ का लोकार्पण किया गया। विजय वाते मुख्य अतिथि एवं ज़हीर कुरैशी व डॉ. आज़म विमर्शकार थे। संचालन शाइर श्री सलीम ने किया। डॉ. गौतम ने संग्रह में से कुछ चुनी हुई ग़ज़लों का पाठ किया। श्री वाते के अनुसार डॉ. गौतम ने कड़े अनुशासन के साथ ग़ज़लें कही हैं। उनकी ग़ज़लों में साहित्य और जीवनानुभवों का समन्वय देखने को मिलता है। श्री ज़हीर कुरैशी का कहना था कि इन ग़ज़लों में डॉ. गौतम शाइर से अधिक एक छंदशास्त्री के रूप में प्रस्तुत हुए हैं। डॉ. आज़म ने कहा कि डॉ. गौतम की इन 65 बहरों पर 65 ग़ज़लों में कई प्रभावी और तग़ज़्ज़ल से परिपूर्ण रचनाएँ हैं। श्री चन्द्रसेन विराट ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि यह संग्रह केवल एक पुस्तक नहीं, अपितु ग़ज़ल के विद्यार्थियों के लिए एक सन्दर्भ-ग्रन्थ और पाठ्य-पुस्तक का काम करेगा। इस अवसर पर डॉ. गौतम के परिवारीजन- वंशस्थ गौतम (पुत्र), डॉ. मालिनी गौतम (पुत्री), मुक्तक (दौहित्र) तथा बड़ी संख्या में नगर के गण्य-मान्य साहित्यकार उपस्थित थे। (समाचार सौजन्य : डॉ. मालिनी गौतम)



बालसाहित्य सम्मान 2017 के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित
बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा बालसाहित्य सम्मान 2017 हेतु देश भर से 2013 से 2016 तक प्रकाशित बालसाहित्य पुस्तकों की 3-3 प्रतियाँ, रचनाकार के फोटो-परिचय सहित सचिव बालसाहित्य संस्थान दरबारीनगर, अल्मोड़ा, उ.खंड (विस्तृत जानकारी हेतु मो. 09412162950) के पते पर पंजीकृत डाक या कोरियर से 15 अप्रैल, 2017 तक आमंत्रित की गई हैं। सम्मान हेतु चयनित 10 साहित्यकारों को जून, 2017 में उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी में 2100/- रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र, शॉल तथा स्मृति चिह्न भेंट किया जाएगा। लोरी, शिशु गीत, बाल गीत, बाल कविता, बाल कहानी, बाल उपन्यास, बाल जीवनी, यात्रा वृतांत, संस्मरण, बाल एकांकी आदि विधाओं पर पुरस्कार दिए जाते हैं।  संस्थान की ओर से विगत 3 वर्षो में सम्मानित साहित्यकार प्रविष्टि न भेजें। (समाचार सौजन्य : उदय किरौला)




काव्य-वीणा सम्मान के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित
कोलकाता की राष्ट्रीय, सामाजिक, सांस्कृतिक व सामाजिक संस्था ‘परिवार मिलन’ ने रु. 51000/- के काव्य-वीणा सम्मान हेतु वर्ष 2005 के बाद प्रकाशित काव्य कृतियाँ (4 प्रतियों में) रचनाकार के संक्षिप्त परिचय व पासपोर्ट आकार के दो फोटो सहित 30 अप्रैल 2017 तक 4, एस.एन. चटर्जी रोड, बेहाला, कोलकाता-700038 (दूरभाष 24477957/23983128) के पते आमंत्रिक की हैं। कृति के कला एवं भाव, दोनों ही पक्षों के आधार मूल्यांकन किया जायेगा। (समाचार सौजन्य: राजेन्द्र कानूनगो)




कृष्ण कुमार यादव ‘मानसश्री सम्मान’ से विभूषित
हिंदी साहित्य सृजन के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जोधपुर क्षेत्र के निदेशक डाक सेवाएँ श्री कृष्ण कुमार यादव को मौन तीर्थ सेवार्थ फाउण्डेशन, उज्जैन द्वारा ‘मानसश्री सम्मान-2016’ से सम्मानित किया गया। श्री यादव को सम्मानस्वरुप स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र और पाँच हजार रूपये की राशि दी गई। उज्जैन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में श्री यादव को उक्त सम्मान मध्य प्रदेश के सूचना आयुक्त श्री हीरालाल त्रिवेदी और संतश्री सुमन भाई द्वारा प्रदान किया गया। श्री यादव की विभिन्न विधाओं में सात पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं एवं लेखन के साथ ब्लॉगिंग से भी जुड़े हुए हैं। (समाचार सौजन्य : रत्नेश कुमार मौर्य)




कमल कपूर के लघुकथा-संग्रह का लोकार्पण
सिरसा के युवक सदन में ‘प्रादेशिक लघुकथा मंच’ के तत्वावधान में कमल कपूर के  लघुकथा- संग्रह ‘आँगन-आँगन हरसिंगार’ का लोकार्पण डॉ. रूप देवगुण, डॉ अशोक भाटिया, डॉ शमीम शर्मा, कमलेश भारतीय एवं सरदार विक्रमजीत सिंह रे के कर-कुसुमों से सम्पन्न हुआ। कृति में पारिवारिक-सामाजिक सरोकारों से जुड़ी 97 लघुकथाएँ हैं। (समाचार सौजन्य : कमल कपूर)    

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