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रविवार, 2 फ़रवरी 2014

अविराम विस्तारित

अविराम का ब्लॉग :  वर्ष :  3,  अंक :  03-04,  नवम्बर-दिसम्बर 2013


। ।हाइकु। । 


सामग्री : इस अंक में श्री रामस्वरूप मूंदड़ा के दस  हाइकु। 


रामस्वरूप मूंदड़ा 


{कवि श्री रामस्वरूप मूंदड़ा जी का हाइकु संग्रह ‘ध्वनि’ गत वर्ष प्रकाशित हुआ था। इसी संग्रह से उनके कुछ हाइकु अविराम के पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं।}

दस हाइकु 

1.
आएगा कौन
लेकर संजीवनी
मूर्छित बस्ती।
2.
खुली पुस्तक
उड़ते रहे पन्ने
पढ़ती हवा।
3.
अकाल प्रेत
ठठाकर हँसता
कांपते लोग।
4.
चट्टानों बीच
तड़क कर खिला
जंगली फूल
5.
होठों ने छुआ
बांसुरी बेजान है
जान आ गई
6.
स्वार्थी सदी है
छाया चित्र : उमेश महादोषी 
सत्ताधारी पी गए
सूखी नदी है
7.
सिमट गई
फूल, फल, बीज में
सारी कहानी
8.
सिन्दूरी मन
पाकर निमन्त्रण
झूले मगन
9.
शब्द वही थे
आँसू निकलते ही 
अर्थ बदले
10.
बाजारवाद
सब मीठा बोलेंगे
विष घोलेंगे
  • पथ 6, द-489, रजत कॉलोनी, बून्दी-323001 (राज.)।

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