आपका परिचय

शनिवार, 29 सितंबर 2012

259. राजेन्द्र नागर ‘निरन्तर’

राजेन्द्र नागर ‘निरन्तर’





जन्म :  4 जून 1963। 

शिक्षा : बी.एस-सी.(गणित), बी.लिब.आई. एससी.।

लेखन/प्रकाशन/योगदान  :  मूलतः लघुकथाकार, व्यंग्य, गीत व ग़ज़ल में भी लेखन। कुछ दैनिक पत्रों के साथ कला समीक्षक के रूप में संबद्ध। प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशित। आकाशवाणी से व्यंग्य लघुकथाएं प्रसारित। ‘साथ चलते हुए’ (श्री संतोष सुपेकर के साथ संयुक्त) व ‘खूंटी पर लटका सच’ (दोनों लघुकथा संग्रह) प्रकाशित कृतियां। ‘स्याह हाशिए’ एवं ‘हाशिए का आदमी’ (दोनों लघुकथा संकलन) का सम्पादन। ‘सरल काव्यांजलि’ व ‘किशोर दा फैन्स क्लब’ संस्थाओं से संबद्ध।

सम्प्रति :  इलाहाबाद बैंक में प्रबन्धक।

सम्पर्क :  ए/91, विवेकानन्द कालॉलोनी, उज्जैन-456010(म.प्र.) 
                      दूरभाष : 0734-2552552 / मोबा. : 09425916606


अविराम में प्रकाशन

मुद्रित अंक :  अप्रैल-जून 2012 अंक में दो लघुकथाएं- ‘और नारे लगते रहे’ एवं ‘औकात’।

ब्लॉग संस्करण  :  मार्च 2012 अंक में दो लघुकथाएं- ‘बदलते समय की सोच’ व ‘धर्म और कर्तव्य’।



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