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सोमवार, 31 दिसंबर 2012

अविराम विस्तारित

अविराम का ब्लॉग :  वर्ष : 2,  अंक : 4,  दिसम्बर 2012  

।हाइकु।।

सामग्री : इस अंक में डॉ. अनीता कपूर के दस हाइकु एवं पाँच तांका।

 डॉ. अनीता कपूर 



{सुप्रसिद्ध हाइकुकार एवं प्रवासी कवयित्री डॉ. अनीता कपूर जी का हाइकु व ताँका रचनाओं का संग्रह ‘दर्पण के सवाल’ कुछ माह पूर्व प्रकाशित हुआ है। उनके इसी संग्रह से प्रस्तुत हैं दस हाइकु एवं पाँच ताँका।}

दस हाइकु


1.
दो-दो घर हैं
पिता और पति का
अपना कौन?
2.
रेखांकन : मनीषा सक्सेना 
ढूँढ़ अपना
उड़ने को आकाश
पंख तराश।
3.
नारी है वृक्ष
बोंजाई न बनाओ
मिलेगी छाँव।
4.
माँ ठंडी छाँव
दुनिया कीधूप से
करे बचाव।
5.
देखो चख के
लम्हा-लम्हा ज़िंदगी
कितनी मीठी।
6.
जल ही गई
सिगरेट उम्र की
धुँआ भी नहीं।
7.
वही है मोड़
फिर वही आवाज़
ठहरी रात।
8.
धूप टुकड़ा
बच्चे-सा ठिठुरता
सर्द हवाएँ।
9.
ओढ़े मौसम
बर्फीले से दुशाले
छिपा सूरज।
10.
तू जेसे बाँध
मैं मचलती नदी
उर्मि-गर्जन।

पाँच ताँका

1.
ताजमहल
है रिश्ता यूँ जोड़ता
चूमता माथा
भटकती कथा का
लरजते होठों से।
2.
दौड़े शहर
रेलगाड़ी हुआ सा
लटके हम
ज़िंदगी को पकड़ें
जैसे गोद में बच्चा।
3.
छाया चित्र : उमेश महादोषी 
फिर बसंत
आया देने है फूल
झोली फैलाओ
धरती की चादर
सतरंगी बनाओ।
4.
टुकड़ा धूप
थामकर उँगली
सूरज की वो
सीढ़ियाँ अँधेरे की
फिर उतर गया
5.
ज़िंदगी रुई
मत डुबाओ और
बनाओ भारी
दुखों वाले पानी में
उड़ाओ आसमाँ में।
  • Fremont, CA 94539 USA  
ई मेल : anitakapoor.us@gmail.com

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