आपका परिचय

गुरुवार, 24 मई 2012

102. डॉ. सतीश राज पुष्करणा

डॉ. सतीश राज पुष्करणा



जन्म  :   05.10.1946, लाहौर, तत्कालीन पंजाब (वर्तमान में पाकिस्तान) में।
शिक्षा  :   बी. एस-सी., विशारद, एम.डी.एच.(होम्योपेथिक) एवं पटकथा लेखन में डिप्लोमा।
लेखन/प्रकाशन/योगदान  :  कथा एवं काव्य साहित्य की प्रमुख विधाओं में समान लेखन। समालोचना के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य। लघुकथा आन्दोलन के प्रमुख स्तम्भों में से एक। हाइकु व तांका के क्षेत्र में भी विशेष योगदान। देश की अधिकांश पत्र-पत्रिकाओं एवं अनेकों संकलनों में तथा प्रमुख वेबसाइटों पर रचनाएं प्रकाशित। बिहार, उ.प्र., दिल्ली एवं गुजरात के पाठ्यक्रमों में कई रचनाएं शामिल। दूरदर्शन के पटना, बरेली व दिल्ली केन्द्रों से अनेक वार्ताएं तथा आकाशवाणी से रचनाएं प्रसारित। कई प्रमुख संस्थानों द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में व्याख्यान तथा अनेकों मंचो से रचनाओं का पाठ। कुरुक्षेत्र वि.वि. से ‘लघुकथाकार: सतीशराज पुष्करणा’ विषय पर लघुशोध स्वीकृत एवं प्रकाशित। साहित्य में आपके योगदान पर पी-एच.डी. हेतु तीन शोधार्थी शोधरत। पंजाबी, उर्दू, मैथिली, भोजपुरी, मगही, तमिल, अंग्रेजी, तेलगू, गुजराती, कन्नड़ आदि भाषाओं में शताधिक रचनाएं अनूदित। ‘दीप जल उठे’ लघुकथा पर लघुफिल्म दिल्ली मेट्रो चैनल द्वारा प्रसारित। अखिल भारतीय स्तर के करीब बीस लघुकथा सम्मेलनों का संयोजन। छः लघुकथा संग्रहों (वर्तमान के झरोखें में, प्रसंगवश, उजाले की ओर, बदलती हवा के साथ, ज़हर के खिलाफ, आग की नदी), तीन कहानी संग्रह (काला होता सूरज, एक और प्रश्नचिह्न, कुछ मेरी कहानियां), एक उपन्यास (विवशता), तीन काव्य संग्रह (बत्तीसी, काल बोध का इतिहास, यह मेरा उत्तर है), एक महाकाव्य (घटोत्कच), दो खण्डकाव्य (अन्तर्मुमक्षा, धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे), चार हाइकु संग्रह (बूँद-बूँद रोशनी, खोल दो खिड़कियां, हाइकु क्या है, आस्था के स्वर), एक तांका संग्रह (शब्दों सजी वेदना), चार ग़जल संग्रह, लघुकथा विवेचन पर दो, हाइकु विवेचन पर एक तथा 11 अन्य पुस्तकें आपकी मौलिक प्रकाशित कृतियां हैं। विभिन्न विधाओं पर पुष्करणा जी ने करीब चार दर्जन सम्पादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। करीब तीन दर्जन पुस्तकें प्रकाशनाधीन हैं। आपने कई पत्र-पत्रिकाओं का सम्पादन एवं कई प्रमुख पत्रों के लघुकथा परिशिष्टों का संयोजन किया है। ज्योत्सना, अवसर, युवारश्मि, कथाघाट, प्राच्य ज्ञान दर्पण पत्रिकाओं के लघुकथांकों एवं साहित्यकार के कहानी अंक का सौजन्य संपादन भी किया। युद्ध, भागीरथी, एवं पुनः पत्रिकाओं ने पुष्करणा जी पर केन्द्रित विशेषांक निकाले। बिहार एवं उ.प्र. की कई प्रमुख साहित्यिक संस्थाओं के पदाधिकारी हैं। आपने कई पुस्तकों की भूमिका लिखी है। शिक्षक एवं शिक्षण मार्गदर्शक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में भी आपका उल्लेखनीय योगदान रहा है।
सम्मान  :  लघुकथा गौरव (अन्त. लघुकथा सम्मेलन, रायपुर, छ.गढ़), लघुकथा सम्मान(हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग), डॉ. परमेश्वर गोयल लघुकथा शिखर सम्मान, रेणु नामित सम्मान आदि सहित अनेकों सम्मानों/पुरस्कारों से विभूषित।
सम्प्रति  :  ‘बिहार सेवक प्रेस’ एवं ‘पुष्करणा ट्रेडर्स’ के प्रबन्धक एवं समर्पित लेखन व पत्रकारिता।
सम्पर्क  :  द्वारा पुष्करणा ट्रेडर्स, लघुकथानगर, महेन्द्रू, पटना-800006 (बिहार)
मोबाइल :  09835283820 / 09334592950 / 09835643467 (सभी पटना) एवं 09259513577 (मेरठ)




अविराम में आपकी रचनाओं का प्रकाशन


मुद्रित अंक  :   जून 2011 अंक में दस हाइकु।
ब्लाग संस्करण :  फरवरी 2012 अंक में तीन हाइकु।
                              अप्रैल-मई 2012 अंक में लघुकथा- 'दिया और तूफ़ान'




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